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POETRY / LETTERS

आरंभ से अंत तक दस्ताने इश्क़

By Shalini Singh आधार लगते है कई, मज़बूत होने के लिए,एहसास है आधार एक, ये इश्क़ होने के लिए । महसूस करते है कहीं, इस इश्क़ को हम दूर से,फिर … Continue reading आरंभ से अंत तक दस्ताने इश्क़

सफर

By Vivek Murarka रास्तों को अपना हमसफर बना लो,इन वादियों को अपना घर बना लो,ज़िन्दगी बहुत मुश्किल से मिलती है,क्यूं ना तुम कुछ पल अपने साथ बिता लो। पहाड़ों में … Continue reading सफर


ARTICLE / FICTION